SC Loan Vriddhi Guarantee Yojna 2026
भारत सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) के नागरिकों के आर्थिक उत्थान और उन्हें नौकरी मांगने वाले के बजाय ‘नौकरी देने वाला’ बनाने के उद्देश्य से SC Loan Vriddhi Guarantee Yojna 2026 को एक नए अवतार में पेश किया गया है। इस योजना के माध्यम से केंद्र सरकार का लक्ष्य समाज के वंचित वर्गों में उद्यमिता (Entrepreneurship) की भावना को जागृत करना और उन्हें देश की अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा करना है।
यदि आप अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं और आपके पास कोई अभिनव (Innovative) बिजनेस आईडिया है, लेकिन पूंजी की कमी आपकी राह में रोड़ा बन रही है, तो यह लेख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
1. योजना की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
ऐतिहासिक रूप से, एससी वर्ग के उद्यमियों को बैंक लोन प्राप्त करने में सबसे बड़ी बाधा ‘गारंटी’ या ‘संपार्श्विक’ (Collateral) की कमी के कारण आती थी। बैंक अक्सर बिना किसी जमीन या संपत्ति को गिरवी रखे बड़ा लोन देने से कतराते थे।
SC Loan Vriddhi Guarantee Yojna 2026 (जिसे कई स्तरों पर Credit Enhancement Guarantee Scheme के रूप में भी देखा जाता है) इस समस्या का समाधान करती है। इस योजना के तहत, यदि कोई एससी उद्यमी ₹1 करोड़ तक का लोन लेता है, तो उस लोन की गारंटी सरकार देती है। इसका मतलब है कि यदि किसी कारणवश बिजनेस विफल होता है, तो बैंक के जोखिम की भरपाई सरकारी फंड द्वारा की जाएगी।
मुख्य उद्देश्य:
- एससी वर्ग में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की संख्या बढ़ाना।
- स्वरोजगार के माध्यम से बेरोजगारी दर में कमी लाना।
- मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों में दलित उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करना।
2. योजना के प्रमुख लाभ (Key Benefits)
यह योजना केवल पैसे देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सुरक्षा कवच भी प्रदान करती है:
- बड़ी ऋण राशि: उद्यमी अपनी जरूरत के हिसाब से ₹10 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक का लोन ले सकते हैं। विशेष तकनीकी प्रोजेक्ट्स के लिए इस सीमा को बढ़ाया भी जा सकता है।
- संपार्श्विक मुक्त (Collateral-Free): सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ₹1 करोड़ तक के लोन के लिए आपको अपनी जमीन, घर या सोना गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं है।
- कम ब्याज दरें: सामान्य व्यावसायिक ऋणों की तुलना में इस योजना के अंतर्गत ब्याज दरें 2% से 4% तक कम हो सकती हैं।
- लचीली पुनर्भुगतान अवधि: व्यवसाय को स्थिर होने का समय देने के लिए 7 साल तक की लंबी भुगतान अवधि और ‘मोरेटोरियम पीरियड’ (शुरुआती महीनों में किस्त न देने की छूट) का प्रावधान है।
- महिलाओं के लिए विशेष छूट: यदि आवेदक महिला है, तो ब्याज दरों में अतिरिक्त 0.10% से 0.25% की छूट और प्रोसेसिंग फीस में माफी मिल सकती है।
3. पात्रता मानदंड (Detailed Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ स्पष्ट नियम बनाए हैं:
- जाति प्रमाण पत्र: आवेदक का अनुसूचित जाति (SC) से होना अनिवार्य है। डिजिटल रूप से प्रमाणित जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी।
- आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु की कोई सख्त सीमा नहीं है, लेकिन बैंक आमतौर पर 60 वर्ष तक के सक्रिय उद्यमियों को वरीयता देते हैं।
- बिजनेस का प्रकार: लोन केवल ‘ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स’ (यानी बिल्कुल नया बिजनेस शुरू करने) या मौजूदा बिजनेस के विस्तार के लिए दिया जाता है।
- फर्म की संरचना: यदि बिजनेस पार्टनरशिप या कंपनी के रूप में है, तो कम से कम 51% हिस्सेदारी एससी वर्ग के व्यक्ति की होनी चाहिए।
- CIBIL स्कोर: हालांकि यह सरकारी योजना है, लेकिन एक अच्छा क्रेडिट स्कोर (700+) लोन की मंजूरी की प्रक्रिया को तेज कर देता है।
4. किन क्षेत्रों के लिए मिल सकता है लोन?
आप निम्नलिखित क्षेत्रों में अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आवेदन कर सकते हैं:
- विनिर्माण (Manufacturing): छोटी फैक्ट्री, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, टेक्सटाइल, आदि।
- सेवा क्षेत्र (Service Sector): आईटी सेंटर, डायग्नोस्टिक लैब, लॉजिस्टिक्स, कोचिंग सेंटर, आदि।
- व्यापार (Trading): थोक या खुदरा व्यापार (रिटेल स्टोर)।
- कृषि संबद्ध गतिविधियाँ: डेयरी फार्मिंग, पोल्ट्री, मत्स्य पालन, और एग्री-टेक स्टार्टअप।
5. आवश्यक दस्तावेजों की सूची
आवेदन के समय आपके पास इन दस्तावेजों का डिजिटल और फिजिकल सेट तैयार होना चाहिए:
- पहचान का प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी।
- पते का प्रमाण: बिजली बिल, राशन कार्ड या निवास प्रमाण पत्र।
- व्यवसाय का प्रमाण: उद्यम रजिस्ट्रेशन (Udyam Registration), ट्रेड लाइसेंस, या जीएसटी नंबर (यदि लागू हो)।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR): यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें बिजनेस का पूरा विवरण, लागत, अनुमानित मुनाफा और लोन चुकाने का प्लान होना चाहिए।
- बैंक विवरण: पिछले 12 महीनों का बैंक स्टेटमेंट और रद्द किया गया चेक (Cancelled Cheque)।
- फोटो: आवेदक के हालिया पासपोर्ट साइज फोटो।
6. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2026 (Step-by-Step)
अब सरकार ने पूरी प्रक्रिया को JanSamarth Portal और Stand-Up Mitra Portal के माध्यम से एकीकृत कर दिया है:
- रजिस्ट्रेशन: आधिकारिक पोर्टल (jansamarth.in) पर जाएं और ‘Business Activity Loan’ के तहत अपनी पात्रता चेक करें।
- श्रेणी चयन: ‘SC/ST Entrepreneur’ विकल्प चुनें।
- विवरण भरें: अपनी आय, व्यवसाय की प्रकृति और आवश्यक लोन राशि की जानकारी दें।
- डिजिटल अप्रूवल: पोर्टल आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ‘डिजिटल इन-प्रिंसिपल अप्रूवल’ देगा।
- बैंक का चुनाव: उन बैंकों की सूची दिखाई देगी जो आपको लोन देने के इच्छुक हैं। अपनी पसंद के बैंक और शाखा का चयन करें।
- फिजिकल वेरिफिकेशन: बैंक अधिकारी आपके बिजनेस लोकेशन का दौरा करेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे।
- ऋण संवितरण (Disbursement): सब कुछ सही पाए जाने पर लोन की राशि सीधे आपके बिजनेस अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
7. चुनौतियां और सावधानियां
भले ही यह एक सरकारी गारंटी योजना है, लेकिन आवेदकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- प्रोजेक्ट की वास्तविकता: यदि आपकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट वास्तविक नहीं लगती, तो बैंक आवेदन रद्द कर सकता है।
- मिसमैच जानकारी: आधार और पैन कार्ड में नाम या जन्मतिथि की गलती होने पर आवेदन अटक सकता है।
- फंड का सही उपयोग: लोन की राशि का उपयोग केवल उसी काम के लिए करें जिसके लिए वह लिया गया है। दुरुपयोग पाए जाने पर सब्सिडी छीनी जा सकती है और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
8. निष्कर्ष
SC Loan Vriddhi Guarantee Yojna 2026 अनुसूचित जाति के उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो नौकरी की तलाश छोड़कर स्वयं का साम्राज्य खड़ा करना चाहते हैं। ₹1 करोड़ की राशि और सरकारी गारंटी की सुरक्षा निश्चित रूप से समाज के इस वर्ग को आर्थिक आजादी की ओर ले जाएगी।
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