
Janani Shishu Suraksha Karyakram
भारत सरकार की जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) योजना 2026 में अपने सबसे उन्नत चरण में है। “डिजिटल इंडिया” और “सक्षम स्वास्थ्य भारत” मिशन के एकीकरण के बाद, अब यह योजना केवल मुफ्त इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि कैशलेस और पारदर्शी सेवा का प्रतीक बन गई है।
यहाँ जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम 2026 की पूरी तरह अपडेटेड और विस्तृत जानकारी दी गई है।
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) 2026: एक सुरक्षित और मुफ्त मातृत्व पथ
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) की शुरुआत जून 2011 में हुई थी, लेकिन 2026 में इसे “सुमन” (SUMAN – Surakshit Matritva Aashwasan) योजना के साथ पूरी तरह एकीकृत कर दिया गया है। अब सरकार का वादा “जीरो टॉलरेंस” (Zero Tolerance) है, जिसका अर्थ है कि किसी भी गर्भवती महिला या नवजात को सरकारी अस्पताल में ₹1 भी खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।
1. 2026 में प्रमुख उद्देश्य (Updated Objectives)
- शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव: हर जन्म अस्पताल में हो, ताकि माँ और बच्चे की जान को कोई खतरा न रहे।
- शून्य खर्च (Zero Out-of-Pocket Expenditure): गरीब परिवारों को प्रसव के दौरान दवा, खून या जांच के लिए अपनी जेब से पैसे न देने पड़ें।
- रक्ताल्पता (Anemia) मुक्त मातृत्व: गर्भवती महिलाओं में खून की कमी को दूर करने के लिए विशेष पोषण और चिकित्सा सहायता।
- डिजिटल ट्रैकिंग: ‘आर.सी.एच.’ (RCH) पोर्टल के माध्यम से हर गर्भवती महिला की डिजिटल निगरानी।
2. 2026 की मुख्य सुविधाएँ और लाभ (Full Benefits)
2026 में इस योजना के तहत मिलने वाले लाभों को दो श्रेणियों में बांटा गया है:
क. गर्भवती महिलाओं के लिए (For Pregnant Women)
- निःशुल्क प्रसव: सामान्य प्रसव हो या जटिल सी-सेक्शन (C-Section), पूरी प्रक्रिया मुफ्त है।
- निःशुल्क दवाइयाँ और उपभोग्य वस्तुएँ: प्रसव के दौरान और बाद में सभी आवश्यक दवाइयाँ मुफ्त दी जाती हैं।
- निःशुल्क जाँच: अल्ट्रासाउंड, रक्त जाँच, और यूरिन टेस्ट जैसी सभी डायग्नोस्टिक सेवाएँ निःशुल्क हैं।
- निःशुल्क भोजन: अस्पताल में रहने के दौरान (सामान्य प्रसव में 3 दिन और सी-सेक्शन में 7 दिन तक) पौष्टिक भोजन की व्यवस्था।
- निःशुल्क रक्त सुविधा: ज़रूरत पड़ने पर खून की व्यवस्था बिना किसी शुल्क के की जाती है।
- कैशलेस एम्बुलेंस (102/108): घर से अस्पताल, एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल और प्रसव के बाद अस्पताल से घर तक मुफ्त परिवहन।
ख. नवजात शिशुओं के लिए (For Newborns – Expanded 2026)
- उपचार की अवधि: पहले यह 30 दिन थी, लेकिन 2026 के अपडेट के अनुसार, अब बीमार नवजात शिशु जन्म के 1 वर्ष तक सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज के हकदार हैं।
- निःशुल्क टीकाकरण: जन्म के तुरंत बाद दिए जाने वाले सभी टीके (BCG, OPV, Hepatitis B) मुफ्त हैं।
- SNCU सुविधा: यदि बच्चा समय से पहले पैदा हुआ है या बीमार है, तो उसे ‘विशेष नवजात देखभाल इकाई’ (SNCU) में मुफ्त इलाज मिलता है।
3. पात्रता और लाभार्थी (Eligibility 2026)
- सभी गर्भवती महिलाएँ: चाहे वे ग्रामीण क्षेत्र की हों या शहरी, यदि वे सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (PHC/CHC/District Hospital) में आती हैं, तो वे पात्र हैं।
- 1 वर्ष तक के बीमार शिशु: सभी बच्चे जो सरकारी संस्थान में इलाज करा रहे हैं।
- स्थान: यह योजना पूरे भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रभावी है।
4. 2026 के नए डिजिटल अपडेट्स
- ABHA ID एकीकरण: अब हर गर्भवती महिला की आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA ID) बनाई जाती है, जिससे उसकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री डिजिटल रहती है।
- Direct Benefit Transfer (DBT): ‘जननी सुरक्षा योजना’ (JSY) के तहत मिलने वाली नकद सहायता अब सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
- E-Vouchers: कई राज्यों में दवाइयों और जाँच के लिए ई-वाउचर की सुविधा शुरू की गई है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
5. आवश्यक दस्तावेज़ (Documents for Smooth Process)
यद्यपि यह एक आपातकालीन और अनिवार्य सेवा है, फिर भी बेहतर प्रबंधन के लिए ये साथ रखें:
- MCT कार्ड (माता और बाल ट्रैकिंग कार्ड): जो आंगनवाड़ी या एएनएम द्वारा बनाया जाता है।
- आधार कार्ड: पहचान और डिजिटल पंजीकरण के लिए।
- बैंक पासबुक: नकद प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए।
6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ 2026)
प्रश्न 1: क्या यह योजना केवल गरीब (BPL) परिवारों के लिए है? उत्तर: नहीं, 2026 के नियमों के अनुसार, सरकारी अस्पताल में आने वाली हर गर्भवती महिला इस योजना की पात्र है, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।
प्रश्न 2: यदि अस्पताल में दवा बाहर से लाने को कहा जाए तो क्या करें? उत्तर: JSSK के तहत यह अवैध है। आप अस्पताल के ‘हेल्प डेस्क’ या टोल-फ्री नंबर 104 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
प्रश्न 3: क्या एम्बुलेंस के लिए पैसे देने पड़ते हैं? उत्तर: बिल्कुल नहीं। 102 या 108 नंबर पर कॉल करने पर एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह मुफ्त है।
7. निष्कर्ष (Conclusion)
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम 2026 भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ है। यह योजना न केवल मातृ और शिशु मृत्यु दर (MMR/IMR) को कम करने में सफल रही है, बल्कि इसने समाज के सबसे कमजोर वर्ग को यह भरोसा दिलाया है कि “पैसे की कमी के कारण अब कोई माँ या बच्चा असुरक्षित नहीं रहेगा।” 2026 में डिजिटल तकनीकों के जुड़ने से यह और भी अधिक प्रभावी और भ्रष्टाचार मुक्त हो गई है।
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