
राष्ट्रीय आरोग्य निधि – HMCPF 2026
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National Arogya Nidhi 2026
क्या आप जानते हैं कि कैंसर, किडनी फेलियर या हृदय रोग जैसी जानलेवा बीमारियों के महंगे इलाज के लिए भारत सरकार ₹15 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान करती है? राष्ट्रीय आरोग्य निधि (National Arogya Nidhi – RAN) और Health Minister’s Cancer Patient Fund (HMCPF) ऐसी ही दो जीवन रक्षक योजनाएं हैं, जिन्हें 2026 में अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है।
यदि आपका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और आयुष्मान भारत की सीमा समाप्त हो चुकी है, तो यह योजना आपके लिए एक बड़ा सहारा बन सकती है।
1. National Arogya Nidhi (RAN) क्या है?
राष्ट्रीय आरोग्य निधि (RAN) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक अम्ब्रेला योजना (Umbrella Scheme) है। यह उन गरीब मरीजों को ‘वन-टाइम ग्रांट’ (एकमुश्त अनुदान) प्रदान करती है जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन कर रहे हैं और जिन्हें सरकारी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों में महंगे इलाज की आवश्यकता है।
इसके तीन मुख्य भाग हैं:
- RAN (General): कैंसर के अलावा अन्य जानलेवा बीमारियों (हृदय, किडनी, लिवर आदि) के लिए।
- HMCPF (Health Minister’s Cancer Patient Fund): विशेष रूप से कैंसर के इलाज के लिए।
- Rare Diseases Scheme: दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए (इसमें सहायता राशि ₹20 लाख से ₹50 लाख तक भी हो सकती है)।
2. मुख्य लाभ और सहायता राशि (Benefits 2026)
2026 के नए अपडेट के अनुसार, सहायता का ढांचा इस प्रकार है:
- अधिकतम सहायता: गंभीर बीमारियों के लिए ₹15 लाख तक की वित्तीय सहायता।
- इलाज का स्थान: यह सहायता केवल सरकारी अस्पतालों, क्षेत्रीय कैंसर केंद्रों (RCCs) और एम्स (AIIMS) जैसे संस्थानों में इलाज के लिए मान्य है।
- कैशलेस सुविधा: स्वीकृत राशि सीधे अस्पताल के खाते में भेजी जाती है, जिससे मरीज को बिलों के भुगतान की चिंता नहीं रहती।
- रिवॉल्विंग फंड: प्रमुख सरकारी अस्पतालों के पास ₹50 लाख से ₹90 लाख का फंड पहले से मौजूद रहता है, ताकि ₹2 लाख तक की सहायता तुरंत अस्पताल स्तर पर ही दी जा सके।
3. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
- BPL श्रेणी: आवेदक का परिवार अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की गरीबी रेखा (Below Poverty Line) के अंतर्गत होना चाहिए।
- आय सीमा: कुछ राज्यों में वार्षिक आय सीमा ₹1.25 लाख से ₹1.5 लाख के बीच तय की गई है।
- अस्पताल: इलाज केवल मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पतालों या क्षेत्रीय कैंसर केंद्रों में होना चाहिए।
- अपवर्जन (Exclusions): सरकारी कर्मचारी (केंद्र/राज्य) और सार्वजनिक उपक्रम (PSU) के कर्मचारी इस योजना के पात्र नहीं हैं।
- आयुष्मान भारत लिंक: यदि आप PM-JAY लाभार्थी हैं, तो आप केवल उन्हीं गंभीर बीमारियों के लिए यहाँ आवेदन कर सकते हैं जो आयुष्मान भारत के पैकेज में कवर नहीं हैं।
4. किन बीमारियों का होता है इलाज? (Covered Diseases)
यह योजना मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों के अंतर्गत आने वाली बीमारियों को कवर करती है:
- कैंसर (Oncology): कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी।
- हृदय रोग (Cardiology): पेसमेकर, हार्ट सर्जरी और स्टेंट।
- गुर्दा रोग (Nephrology): किडनी ट्रांसप्लांट और डायलिसिस (जटिल मामलों में)।
- लिवर रोग: लिवर ट्रांसप्लांट और गंभीर सिरोसिस।
- न्यूरोसर्जरी: ब्रेन ट्यूमर और स्पाइनल सर्जरी।
- बोन मैरो ट्रांसप्लांट: थैलेसीमिया और अप्लास्टिक एनीमिया के लिए।
5. आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
आवेदन के समय इन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- निर्धारित आवेदन पत्र: इलाज करने वाले डॉक्टर द्वारा हस्ताक्षरित और अस्पताल के एमएस (Medical Superintendent) द्वारा सत्यापित।
- आय प्रमाण पत्र: तहसीलदार या संबंधित राजस्व अधिकारी द्वारा जारी।
- राशन कार्ड: BPL या अंत्योदय (AAY) कार्ड की फोटोकॉपी।
- इलाज का अनुमान (Estimate Certificate): अस्पताल द्वारा जारी किया गया इलाज के खर्च का विवरण।
- आधार कार्ड: पहचान और पते के प्रमाण के लिए।
- फोटो: मरीज की दो सत्यापित पासपोर्ट साइज फोटो।
6. आवेदन प्रक्रिया 2026 (How to Apply)
सरकार ने अब इसे हाइब्रिड मॉडल (ऑनलाइन + ऑफलाइन) पर शिफ्ट कर दिया है:
ऑफलाइन माध्यम:
- सरकारी अस्पताल के ‘Medical Social Service Unit’ या काउंटर से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- डॉक्टर से फॉर्म भरवाएं और जरूरी दस्तावेज संलग्न करें।
- अस्पताल इसे स्वास्थ्य मंत्रालय के ‘ग्रांट सेक्शन’ (Grants Section) को भेजता है।
ऑनलाइन माध्यम (डिजिटल पोर्टल):
- 2026 में, कई राज्यों में अस्पताल Transaction Management System (TMS) के जरिए सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर मरीज की ‘RAN ID’ जेनरेट करते हैं।
- एक बार आवेदन रीयल-टाइम में अप्रूव होने के बाद, बैंक को फंड रिजर्व करने का कन्फर्मेशन मिल जाता है और इलाज शुरू हो जाता है।
7. महत्वपूर्ण सावधानी
National Arogya Nidhi प्रतिपूर्ति (Reimbursement) योजना नहीं है। इसका मतलब है कि यदि आपने पहले ही इलाज पर पैसा खर्च कर दिया है, तो सरकार वह पैसा वापस नहीं करेगी। सहायता केवल भविष्य के इलाज के लिए दी जाती है। इसलिए, अस्पताल में भर्ती होते ही या सर्जरी की तारीख से पहले आवेदन करना अनिवार्य है।
निष्कर्ष
National Arogya Nidhi 2026 उन परिवारों के लिए एक आशा की किरण है जो भारी भरकम चिकित्सा खर्च वहन करने में असमर्थ हैं। ₹15 लाख तक की यह सहायता जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है। यदि आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे गंभीर बीमारी है और पैसा बाधा बन रहा है, तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं।
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