
सशस्त्र बलों में राष्ट्र की सेवा करना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सर्वोच्च गौरव, साहस और अटूट बलिदान का मार्ग है। सीमा की रक्षा करते हुए या युद्ध क्षेत्र में तैनात रहते हुए, कई वीर सैनिक ऐसी चोटों या शारीरिक स्थितियों का सामना करते हैं जो उनके दैनिक जीवन की गतिशीलता (Mobility) को प्रभावित कर देती हैं। सेवा से लौटते समय जब एक सैनिक शारीरिक विकलांगता के साथ घर आता है, तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी स्वतंत्रता और आत्म-सम्मान को बनाए रखने की होती है।
भारत सरकार, अपने वीर योद्धाओं के इस बलिदान को नमन करते हुए और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, “Financial Assistance For Procuring Mobility Equipment To Disabled Ex-Servicemen (All Ranks)” योजना संचालित करती है। वर्ष 2026 में इस योजना को तकनीकी रूप से और अधिक उन्नत और उदार बनाया गया है, ताकि हमारे पूर्व सैनिक शारीरिक बाधाओं को पार कर एक आत्मनिर्भर और गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।
1. योजना का विजन और महत्व: बलिदान को मान्यता
यह योजना केवल एक वित्तीय अनुदान मात्र नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की ओर से उन नायकों को दिया गया एक ‘धन्यवाद’ पत्र है जिन्होंने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना देश को सुरक्षित रखा।
इसका महत्व निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है:
- स्वतंत्रता की बहाली: गतिशीलता उपकरण (जैसे व्हीलचेयर या स्कूटर) एक विकलांग व्यक्ति के लिए केवल एक मशीन नहीं, बल्कि उसके हाथ-पैर बन जाते हैं। यह उसे दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय खुद के काम स्वयं करने में सक्षम बनाता है।
- मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास: जब एक सैनिक फिर से बिना किसी की सहायता के घर से बाहर निकल सकता है, तो उसका आत्मविश्वास लौट आता है। यह उसे सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने और समाज की मुख्यधारा से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करता है।
- आर्थिक सुरक्षा: उन्नत और आधुनिक मोबिलिटी उपकरण (जैसे बैटरी चालित व्हीलचेयर) काफी महंगे होते हैं। यह योजना सुनिश्चित करती है कि आर्थिक तंगी किसी सैनिक की आवाजाही में बाधा न बने।
2. सहायता राशि: 2026 के नए मानक (Financial Grant)
वर्ष 2026 में बढ़ती लागतों और आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने सहायता राशि के ढांचे को लचीला और प्रभावी बनाया है।
इस योजना के तहत सभी रैंक (सिपाही से लेकर अधिकारी तक) के विकलांग पूर्व सैनिकों को ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) तक का एकमुश्त अनुदान प्रदान किया जाता है।
यह राशि निम्नलिखित उपकरणों की खरीद के लिए उपयोग की जा सकती है:
- मोटर चालित व्हीलचेयर (Motorized Wheelchair): जो लंबी दूरी तय करने और बिना किसी शारीरिक श्रम के चलने में सक्षम होती हैं।
- संशोधित स्कूटर (Modified Scooters): तीन पहियों वाले या विशेष रूप से अनुकूलित स्कूटर जो दिव्यांगों के लिए सुरक्षित हैं।
- वॉकर और आधुनिक बैसाखी: जो वजन में हल्की और मजबूत होती हैं।
- ट्राइसाइकिल: मैन्युअल या सोलर आधारित ट्राइसाइकिल।
- कस्टम मेड उपकरण: चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसित कोई भी विशेष मोबिलिटी सहायता।
3. पात्रता मानदंड 2026 (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ सही और ज़रूरतमंद पूर्व सैनिकों तक पहुँचे, इसके लिए केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) ने स्पष्ट पात्रता शर्तें निर्धारित की हैं:
- पूर्व सैनिक का दर्जा: आवेदक भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, नौसेना, वायु सेना) का पूर्व सैनिक होना चाहिए। इसमें सभी रैंक के कर्मी शामिल हैं।
- विकलांगता का स्तर: आवेदक के पास अधिकृत सैन्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा प्रमाणित स्थायी विकलांगता होनी चाहिए जो उसकी गतिशीलता को सीमित करती हो।
- अनुशंसा (Recommendation): आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त सैन्य या सरकारी अस्पताल के डॉक्टर की रिपोर्ट होनी चाहिए, जिसमें विशेष गतिशीलता उपकरण की आवश्यकता बताई गई हो।
- एकमुश्त सहायता: यह सहायता आमतौर पर एक बार दी जाती है। हालांकि, यदि उपकरण का जीवनकाल (Life span) समाप्त हो गया है (5-7 वर्ष बाद) और मरम्मत संभव नहीं है, तो विशेष मामलों में दोबारा आवेदन पर विचार किया जा सकता है।
4. 2026 की आधुनिक आवेदन प्रक्रिया (Digital Application Process)
वर्ष 2026 में डिजिटल इंडिया पहल के तहत, आवेदन प्रक्रिया को ‘पेपरलेस’ और ‘पारदर्शी’ बनाया गया है। अब पूर्व सैनिक घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से आवेदन कर सकते हैं।
चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका:
- पोर्टल पर पंजीकरण: सबसे पहले केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना प्रोफाइल बनाएं।
- योजना का चयन: ‘Online Application’ के ड्रॉपडाउन मेनू में से “Financial Assistance For Procuring Mobility Equipment” का चयन करें।
- विवरण भरें: अपनी सेवा का विवरण (Service No, Rank, Unit), व्यक्तिगत जानकारी और बैंक विवरण (Aadhaar Seeded) भरें।
- दस्तावेज़ अपलोड करें (Checklist 2026):
- डिस्चार्ज बुक: इसके बिना आवेदन अमान्य होगा।
- विकलांगता प्रमाण पत्र: चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी।
- उपकरण का कोटेशन: उस विक्रेता का एस्टीमेट जहाँ से आप उपकरण खरीदना चाहते हैं।
- बैंक पासबुक: जिसमें नाम और खाता संख्या स्पष्ट हो।
- पूर्व सैनिक पहचान पत्र (ESM I-Card): जिला सैनिक बोर्ड द्वारा जारी।
- सत्यापन (ZSB Verification): आवेदन ऑनलाइन जमा करने के बाद, आपको अपने जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (ZSWO) में जाकर भौतिक रूप से दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।
- भुगतान: एक बार सत्यापन पूरा होने और KSB से अनुमोदन मिलने के बाद, ₹1,00,000 तक की राशि सीधे DBT के माध्यम से आपके खाते में आ जाएगी।
5. 2026 में योजना के अतिरिक्त लाभ और सुविधाएँ
2026 में इस योजना को केवल ‘खरीद’ तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसके साथ कुछ और महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं:
- गुणवत्ता नियंत्रण: KSB अब कुछ विशेष वेंडर्स के साथ गठजोड़ कर रहा है ताकि पूर्व सैनिकों को उच्च गुणवत्ता वाले और वारंटी युक्त उपकरण मिल सकें।
- रखरखाव सहायता: कुछ राज्यों में, इन उपकरणों के वार्षिक रखरखाव (AMC) के लिए भी छोटी अतिरिक्त वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
- त्वरित निपटान (Fast-track Redressal): 2026 के नए आईटी सिस्टम के कारण, अब आवेदनों पर निर्णय लेने की समय सीमा को घटाकर 30-45 दिन कर दिया गया है।
6. सामान्य चुनौतियाँ और उनका समाधान
अक्सर पूर्व सैनिकों को आवेदन के दौरान कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनका समाधान 2026 में इस प्रकार है:
- दस्तावेज़ की कमी: यदि डिस्चार्ज बुक में विकलांगता का उल्लेख नहीं है, तो तुरंत अपने संबंधित ‘रिकॉर्ड ऑफिस’ से संपर्क कर इसे अपडेट कराएं।
- गलत कोटेशन: हमेशा ऐसे वेंडर से कोटेशन लें जो GST पंजीकृत हो और जिसके पास उपकरणों का प्रमाणन हो।
- बैंक लिंकिंग: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है, अन्यथा फंड ट्रांसफर फेल हो सकता है।
7. निष्कर्ष: राष्ट्र का सम्मान, सैनिकों का स्वाभिमान
Financial Assistance For Procuring Mobility Equipment 2026 योजना केवल एक कल्याणकारी उपाय नहीं है, बल्कि यह उस अटूट बंधन का प्रतीक है जो एक राष्ट्र और उसके रक्षकों के बीच होता है। व्हीलचेयर या स्कूटर एक पूर्व सैनिक को वह गति प्रदान करता है जिसे उसने सेवा के दौरान खो दिया था। यह सहायता उन्हें समाज में सिर उठाकर चलने, अपने परिवार की ज़िम्मेदारियों को निभाने और एक बार फिर ‘सक्रिय योद्धा’ महसूस करने की शक्ति देती है।
यदि आप एक विकलांग पूर्व सैनिक हैं या ऐसे किसी वीर को जानते हैं, तो आज ही इस योजना का लाभ उठाएं। सरकार द्वारा दी जाने वाली यह सहायता आपके जीवन की गुणवत्ता को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। याद रखें, जिन्होंने कभी देश की ढाल बनकर रक्षा की, आज पूरा देश उनकी ढाल बनकर खड़ा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ 2026)
प्रश्न 1: क्या मैं ₹1 लाख से महंगा उपकरण खरीद सकता हूँ? उत्तर: हाँ, आप अपनी पसंद का कोई भी उपकरण खरीद सकते हैं, लेकिन सरकार की ओर से अधिकतम वित्तीय सहायता ₹1,00,000 ही दी जाएगी। अतिरिक्त राशि का भुगतान आपको स्वयं करना होगा।
प्रश्न 2: क्या यह सहायता युद्ध में विकलांग हुए सैनिकों के लिए ही है? उत्तर: नहीं, यह योजना उन सभी पूर्व सैनिकों के लिए है जिनकी विकलांगता सेवा के दौरान या उसके बाद प्रमाणित हुई है और जो गतिशीलता उपकरणों के लिए पात्र पाए गए हैं।
प्रश्न 3: आवेदन के कितने समय बाद पैसा मिलता है? उत्तर: 2026 के नए ‘फास्ट-ट्रैक’ सिस्टम के तहत, सफल सत्यापन के बाद लगभग 4 से 6 सप्ताह के भीतर राशि बैंक खाते में भेज दी जाती है।न और सांत्वना के हक़दार हैं।
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