
Coir Workers Accident Insurance Scheme
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) और कयर बोर्ड (Coir Board) द्वारा संचालित यह योजना 2026 में डिजिटल रूप से और अधिक सुदृढ़ हो गई है। यह योजना न केवल एक बीमा पॉलिसी है, बल्कि उन लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जो पूरी तरह से कयर उद्योग पर निर्भर हैं।
1. 2026 में योजना का मुख्य उद्देश्य (Objective)
2026 के अपडेटेड लक्ष्यों के अनुसार, योजना का विजन “सुरक्षित श्रमिक, समृद्ध उद्योग” है:
- वित्तीय सुरक्षा: दुर्घटना के कारण आय के स्रोत बंद होने पर परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देना।
- जोखिम प्रबंधन: कयर कताई, बुनाई और अन्य खतरनाक प्रक्रियाओं में शामिल कामगारों के जोखिम को कवर करना।
- सामाजिक उत्थान: असंगठित क्षेत्र के कामगारों को औपचारिक बीमा नेटवर्क से जोड़कर उनका सामाजिक सशक्तिकरण करना।
2. योजना के प्रमुख लाभ (Key Benefits 2026)
वर्ष 2026 में चिकित्सा लागतों और महंगाई को देखते हुए सहायता राशि को इस प्रकार व्यवस्थित किया गया है:
- दुर्घटना में मृत्यु (Accidental Death): कामगार की मृत्यु की स्थिति में नामांकित व्यक्ति (Nominee) को ₹50,000 तक का बीमा कवर दिया जाता है।
- पूर्ण स्थायी विकलांगता (Total Permanent Disability): यदि दुर्घटना के कारण दोनों आँखें, दोनों हाथ या दोनों पैर खो जाते हैं, तो ₹50,000 की पूर्ण सहायता दी जाती है।
- आंशिक स्थायी विकलांगता (Partial Permanent Disability): एक अंग या एक आँख की हानि होने पर ₹25,000 तक का मुआवजा दिया जाता है।
- अस्पताल में भर्ती होने का खर्च: 2026 के नए प्रावधानों के तहत, दुर्घटना के बाद तत्काल इलाज के लिए भी सहायता के रास्ते तलाशे जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य: इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें प्रीमियम का बोझ कामगार पर नहीं पड़ता। अधिकांश प्रीमियम कयर बोर्ड द्वारा वहन किया जाता है।
3. पात्रता मानदंड 2026 (Eligibility Criteria)
लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित शर्तें अनिवार्य हैं:
- पंजीकरण: कामगार का कयर बोर्ड के पोर्टल पर ‘पंजीकृत कयर वर्कर’ होना अनिवार्य है।
- आयु: कामगार की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- सदस्यता: वह किसी कयर सहकारी समिति (Coir Cooperative Society) या कयर बोर्ड से संबद्ध इकाई का सदस्य होना चाहिए।
- नागरिकता: आवेदक अनिवार्य रूप से भारतीय नागरिक होना चाहिए।
4. आवश्यक दस्तावेज़ (Documents Required)
आवेदन या क्लेम (Claim) के समय निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड: पहचान और पते के प्रमाण के लिए।
- कयर बोर्ड पहचान पत्र: यह प्रमाणित करने के लिए कि वह एक सक्रिय कामगार है।
- बैंक विवरण: DBT (Direct Benefit Transfer) के लिए आधार से लिंक बैंक खाता।
- आयु प्रमाण पत्र: (10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र)।
- नामांकित व्यक्ति (Nominee) का विवरण: जिसे सहायता राशि दी जाएगी।
5. 2026 की डिजिटल आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Process)
अब प्रक्रिया पूरी तरह से Udyam और Coir Board Portal के माध्यम से संचालित होती है:
- आधिकारिक पोर्टल: coirboard.gov.in पर जाएं।
- श्रमिक पंजीकरण: ‘Coir Worker Registration’ सेक्शन में अपनी जानकारी भरें।
- योजना का चयन: ‘Accident Insurance Scheme’ विकल्प पर क्लिक करें।
- दस्तावेज़ अपलोड: अपने डिजिटल दस्तावेज़ अपलोड करें। 2026 में अब e-KYC के जरिए दस्तावेजों का सत्यापन तुरंत हो जाता है।
- सत्यापन: स्थानीय कयर बोर्ड कार्यालय आवेदन की पुष्टि करेगा, जिसके बाद आपका बीमा कवर सक्रिय हो जाएगा।
6. क्लेम कैसे करें? (Claim Procedure)
दुर्घटना की स्थिति में क्लेम प्रक्रिया 2026 में बहुत सरल बना दी गई है:
- सूचना: दुर्घटना के 30 दिनों के भीतर कयर बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय या सहकारी समिति को सूचित करना होगा।
- दस्तावेज़ जमा करना: मृत्यु के मामले में मृत्यु प्रमाण पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, और विकलांगता के मामले में मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
- भुगतान: जांच पूरी होने के बाद, राशि सीधे लाभार्थी या नॉमिनी के खाते में 15 दिनों के भीतर ट्रांसफर कर दी जाती है।
7. योजना का महत्व और भविष्य (Impact & Future Scope)
कयर उद्योग मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में फैला हुआ है। यहाँ के कामगार अक्सर कम आय वाले होते हैं। 2026 में, यह योजना:
- असंगठित क्षेत्र को मजबूती: कामगारों के मन से भविष्य का डर दूर कर रही है।
- डिजिटल इंडिया का प्रभाव: 2026 में अब मोबाइल ऐप के माध्यम से भी कामगार अपनी बीमा स्थिति चेक कर सकते हैं।
- नवीनीकरण (Renewal): अब सिस्टम ‘ऑटो-रिन्यूअल’ पर है, जिससे कामगार को हर साल दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ 2026)
प्रश्न 1: क्या यह बीमा प्राकृतिक मृत्यु (Natural Death) को कवर करता है? उत्तर: नहीं, यह योजना केवल दुर्घटना के कारण हुई मृत्यु या विकलांगता के लिए है।
प्रश्न 2: क्या मुझे हर साल पैसे देने होंगे? उत्तर: नहीं, कामगार का हिस्सा बहुत ही मामूली होता है जो अक्सर उनके वेतन या समिति के माध्यम से व्यवस्थित किया जाता है। अधिकांश खर्च सरकार उठाती है।
प्रश्न 3: अगर मैं नौकरी छोड़ देता हूँ, तो क्या बीमा जारी रहेगा? उत्तर: नहीं, यह योजना केवल सक्रिय कयर कामगारों के लिए है। यदि आप इस क्षेत्र से बाहर जाते हैं, तो बीमा कवर समाप्त हो जाएगा।
9. निष्कर्ष (Conclusion)
कयर कामगार दुर्घटना बीमा योजना 2026 ग्रामीण भारत के श्रमिकों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का उदाहरण है। यह न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि कामगारों को यह विश्वास दिलाती है कि उनके श्रम का सम्मान है और संकट के समय राष्ट्र उनके साथ खड़ा है। यदि आप या आपके परिचित इस क्षेत्र में कार्यरत हैं, तो तुरंत कयर बोर्ड में अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।कामगार का परिवार अचानक हुए हादसे की वजह से आर्थिक संकट में न फँसे।
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