
RMEWF – Financial Assistance for Vocational Training of Widows of Ex-Servicemen
हमारे वीर पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) का बलिदान अतुलनीय है, और उनके जाने के बाद उनके परिवारों की गरिमा बनाए रखना राष्ट्र का कर्तव्य है। रक्षा मंत्री पूर्व सैनिक कल्याण कोष (RMEWF) के अंतर्गत ‘व्यावसायिक प्रशिक्षण हेतु वित्तीय सहायता’ योजना 2026 में एक सशक्त माध्यम बन चुकी है। यह योजना पूर्व सैनिकों की विधवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें ‘हुनर’ के जरिए नई पहचान दिलाने के लिए समर्पित है।
1. योजना का मुख्य उद्देश्य (Vision 2026)
इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य पूर्व सैनिकों की विधवाओं को केवल वित्तीय अनुदान देना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता (Financial Independence) प्रदान करना है।
- कौशल सशक्तिकरण: विधवाओं को आधुनिक बाज़ार की मांग के अनुरूप तैयार करना।
- सम्मानजनक आजीविका: पेंशन के अतिरिक्त आय का एक स्थायी स्रोत बनाना।
- आत्मनिर्भरता: लघु उद्योग या स्वरोजगार के माध्यम से परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम बनाना।
2. योजना की मुख्य विशेषताएँ और पात्रता (Key Features & Eligibility)
2026 के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, योजना की रूपरेखा इस प्रकार है:
पात्रता (Eligibility Criteria)
- श्रेणी: आवेदक अनिवार्य रूप से पूर्व सैनिक (ESM) की विधवा होनी चाहिए।
- रैंक: यह सहायता मुख्य रूप से हवलदार रैंक तक के पूर्व सैनिकों की विधवाओं (OR/JCOs) के लिए केंद्रित है।
- संस्थान: प्रशिक्षण किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान या National Skill Development Corporation (NSDC) से संबद्ध केंद्र से होना चाहिए।
वित्तीय सहायता (Financial Support)
- अनुदान राशि: व्यावसायिक पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने पर ₹20,000/- की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है।
- भुगतान: यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।
3. प्रशिक्षण के आधुनिक विकल्प (Scope of Training 2026)
2026 में डिजिटल क्रांति को देखते हुए, पाठ्यक्रमों के दायरे का विस्तार किया गया है:
- पारंपरिक कौशल: सिलाई, कढ़ाई, नर्सिंग, ब्यूटी कल्चर और हस्तशिल्प।
- आधुनिक डिजिटल कौशल: डेटा एंट्री, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, डिजिटल मार्केटिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग।
- तकनीकी कौशल: मोबाइल रिपेयरिंग, लैब टेक्नीशियन और बैंकिंग/बीमा एजेंट प्रशिक्षण।
4. आवेदन की नई ऑनलाइन प्रक्रिया (Step-by-Step Online Process)
अब Kendriya Sainik Board (KSB) का पोर्टल पहले से अधिक यूजर-फ्रेंडली हो गया है। आवेदन के लिए इन चरणों का पालन करें:
चरण 1: पंजीकरण (Registration)
- आधिकारिक वेबसाइट ksb.gov.in पर जाएं।
- “Register” बटन पर क्लिक करें और अपनी बुनियादी जानकारी भरें।
- अपनी फोटो अपलोड करें और फॉर्म को ‘Save’ करें। आपके ईमेल पर एक एक्टिवेशन लिंक आएगा, उस पर क्लिक करके अकाउंट सक्रिय करें।
चरण 2: आवेदन भरना (Application Entry)
- लॉग-इन करने के बाद “Scheme Name” में ‘Financial Assistance for Vocational Training of Widows’ चुनें।
- आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पूर्व सैनिक पति का विवरण और बैंक खाता (Aadhaar Linked) भरें।
चरण 3: दस्तावेज़ अपलोड (Document Upload)
आवेदन के साथ निम्नलिखित स्कैन की हुई प्रतियां अपलोड करें:
- डिस्चार्ज बुक (ESM Discharge Book): जिसमें पति का विवरण हो।
- विधवा पहचान पत्र (Widow I-Card): जिला सैनिक बोर्ड द्वारा जारी।
- प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (Course Completion Certificate): मान्यता प्राप्त संस्थान से।
- बैंक पासबुक: जिसमें नाम और IFSC कोड स्पष्ट हो।
चरण 4: सत्यापन (Verification)
आपका आवेदन ऑनलाइन आपके संबंधित Zila Sainik Board (ZSB) के पास जाएगा। वे आपको मूल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बुलाएंगे। वहां से अनुशंसा (Recommendation) मिलने के बाद आवेदन RSB और फिर KSB को भेजा जाएगा।
5. 2026 में योजना के लाभ (Benefits Analysis)
- 0% कोलेटरल: प्रशिक्षण के लिए किसी भी गारंटी की आवश्यकता नहीं है।
- स्वरोजगार को बढ़ावा: ₹20,000 की सहायता राशि का उपयोग अपना छोटा स्टार्टअप (जैसे बुटीक या कैफे) शुरू करने के लिए शुरुआती पूंजी के रूप में किया जा सकता है।
- आत्मविश्वास का उत्थान: समाज में आर्थिक रूप से सक्रिय भागीदारी विधवाओं के मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य में सुधार करती है।
6. महत्वपूर्ण सुझाव (Pro-Tips for Quick Approval)
- दस्तावेज़ की स्पष्टता: स्कैन किए गए दस्तावेज़ धुंधले नहीं होने चाहिए।
- समय सीमा: व्यावसायिक पाठ्यक्रम पूरा होने के एक साल के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।
- आधार लिंकिंग: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा है, अन्यथा भुगतान में देरी हो सकती है।
7. निष्कर्ष (Conclusion)
RMEWF – पूर्व सैनिकों की विधवाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण सहायता योजना भारत सरकार की उस कृतज्ञता का प्रमाण है, जो वह अपने सैनिकों के प्रति रखती है। यह केवल ₹20,000 की सहायता नहीं है, बल्कि यह एक “सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत” है। हमारे वीर नायकों की पत्नियों को हुनरमंद बनाकर हम वास्तव में उनके परिवारों के प्रति अपने उत्तरदायित्व को पूरा कर रहे हैं।न करने के बारे में है।
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