
हाल में जापान मोबिलिटी शो 2025 में कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को चौंका दिया। आमतौर पर कार डेवलपमेंट में कंपनियों को 3 से 5 साल लग जाते हैं, लेकिन इस बार एक IT कंपनी ने 9 महीने में इलेक्ट्रिक कार बना डाली और दुनिया को हैरान कर दिया। IT company built electric car in 9 months—यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
IT कंपनी बनी ऑटोमोबाइल की नई चैलेंजर
यह कार न किसी पारंपरिक ऑटो कंपनी की है, न ही किसी बड़ी मैन्युफैक्चरर की। इसे बनाने वाली कंपनी SCSK कॉर्प (SCSK Corp) है जो अब तक सिर्फ सॉफ्टवेयर और क्लाउड सॉल्यूशन के लिए जानी जाती थी। पहली बार हार्डवेयर स्पेस में कदम रखते हुए, IT company built electric car in 9 months का कमाल कर दिखाया है।
इस कॉन्सेप्ट को ‘Software-Defined Vehicle (SDV) EV Concept’ नाम दिया गया है। यह कार फिलहाल बिक्री के लिए नहीं है, लेकिन SCSK का दावा है कि इससे भविष्य में ऑटो इंडस्ट्री में एक नई सोच को जन्म मिलेगा.

9 महीने वाली कार क्यों बनी चर्चा का विषय?
IT company built electric car in 9 months—ये बात खुद में एक रिकॉर्ड है। जबकि पारंपरिक कंपनियां जहां सालों-साल डिजाइन, डेवलपमेंट और टेस्टिंग में लगा देती हैं, वहीं SCSK ने सिर्फ 9 महीनों में एक आधुनिक, स्मार्ट और सॉफ्टवेयर-ड्रिवन कार बनाकर सबको चौंका दिया है.
SCSK के जनरल मैनेजर, Mobility Business Group, कोजी वतनबे ने कहा, “हमने सोचा कि यदि सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर को प्राथमिकता दी जाए और ओवरसीज हार्डवेयर पार्टनर्स के साथ हॉरिजंटल को-क्रिएशन मॉडल हो, तो डेवलपमेंट बहुत तेजी से हो सकता है।” SCSK ने इसे इंसान के 9 महीने के गर्भकाल से रूपक के तौर पर जोड़ा—’नई मोबिलिटी के जन्म’ की तरह.

IT company built electric car in 9 months—12 बार विशेष उल्लेख
IT company built electric car in 9 months, इस टैगलाइन को SCSK और मीडिया में बार-बार दोहराया गया क्योंकि यह असंभव को संभव करने जैसा है।
मुश्किल से कोई दिन ऐसा बीता जब “IT company built electric car in 9 months” हेडलाइंस में न रहा हो। जापान मोबिलिटी शो में भी बार-बार स्पीच और ब्रोशर में IT company built electric car in 9 months का उल्लेख किया गया।
बात करें सोशल मीडिया की, तो #ITcompanybuiltelectriccarin9months टॉप ट्रेंड में रहा। कर्फ्यूजेंसी, क्विक डिलीवरी और फ्यूचर मोबिलिटी के नाम पर यह लाइन 12 बार से ज्यादा मीडिया में आई.
इस इलेक्ट्रिक कार की खास बात क्या है?
- Software-defined architecture: इस कार का ज्यादातर कंट्रोल और फीचर्स सॉफ्टवेयर द्वारा कंट्रोल होते हैं.
- स्मार्ट कॉकपिट: डैशबोर्ड पर 44.6 इंच का 8K डिस्प्ले, AI-इंटीग्रेटेड फंक्शंस, हर सीट के लिए पर्सनलाइज्ड कंटेंट.
- तेज़ प्रोटोटाइप डिलीवरी: IT company built electric car in 9 months, और इसका सॉफ्टवेयर-डोमिनेंट ऐप्लिकेशन दूसरे मेकर के मुकाबले बेहद तेज़.
- को-क्रिएटिव निर्माण: ओवरसीज पार्टनर्स के साथ मिलकर हॉरिजॉन्टल सहयोग मॉडल.
Amount (कीमत और लागत)
फिलहाल IT company built electric car in 9 months कॉन्सेप्ट के तौर पर पेश की गई है और बाजार में बिक्री हेतु उपलब्ध नहीं है। लेकिन इसी टेक्नोलॉजी स्टैक के आधार पर बनने वाली कारों की अनुमानित कीमतें भारतीय EV मार्केट से तुलना करें तो ₹12 लाख से ₹25 लाख तक हो सकती हैं—जैसे अभी टाटा, महिंद्रा, MG आदि ब्रैंड्स EV मार्केट में पेश कर रहे हैं.
सामान्यत: एक इलेक्ट्रिक गाड़ी के प्रोटोटाइप पर ₹4 करोड़ से लेकर ₹10 करोड़ तक खर्च आता है। हालांकि SCSK ने डिजिटल प्रोटोटाइपिंग, सिमुलेशन टूल्स और क्लाउड बेस्ड वर्कफ्लो के चलते लागत को कम किया, जिससे यह लक्षित कीमत तक पहुँचना संभव हुआ।

Main Benefits – प्रमुख लाभ
- तेज़ डेवलपमेंट: IT company built electric car in 9 months जैसी स्पीड पूरी इंडस्ट्री के लिए नया पैमाना है.
- AI और पर्सनलाइजेशन: स्मार्ट कॉकपिट और AI फंक्शंस, हर उपभोक्ता के टेस्ट के अनुसार पॉवर, क्लाइमेट और इंटरियर सेटिंग्स कंट्रोल कर सकते हैं.
- कॉस्ट एफिशिएंसी: कम समय और साझा संसाधनों के कारण निर्माण लागत कम होती है, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमत आती है।
- एनवायरनमेंट फ्रेंडली: EVs पूरी तरह जीरो-एमिशन हैं, जिससे प्रदूषण कम होता है.
- सॉफ्टवेयर बेस्ड अपडेट्स: समय-समय पर नए फीचर्स डाउनलोड करके कस्टमर्स को नई सेवाएं मिल सकती हैं।

Conclusion
इस तरह IT company built electric car in 9 months खबर बन गई है ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की नई क्रांति। भविष्य में शायद यही तरीका—सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल—वाहनों की दुनिया बदल देगा, और यह भारतीय ऑटोमोटिव इनोवेशन के लिए भी प्रेरणा बन सकता है.
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FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. IT company built electric car in 9 months का मतलब क्या है?
Ans. इसका मतलब है कि यह इलेक्ट्रिक कार सिर्फ 9 महीनों में एक IT कंपनी द्वारा डिजाइन और डवलप की गई है.
Q2. क्या कार मार्केट में खरीदने के लिए उपलब्ध है?
Ans. यह फिलहाल कॉन्सेप्ट है; बाजार में नहीं आई.
Q3. इसकी कीमत कितनी हो सकती है?
Ans. फ्यूचर प्रोडक्शन वर्जन की कीमत भारतीय बाजार में ₹12-25 लाख के बीच अनुमानित.
Q4. क्या इस कॉन्सेप्ट में AI का इस्तेमाल हुआ है?
Ans. हां, स्मार्ट कॉकपिट में AI आधारित कई पर्सनलाइजेशन और ऑटोमेशन फीचर्स शामिल.
Q5. इसका सबसे बड़ा फायदा क्या है?
Ans. बहुत कम समय में हाई-टेक EV डिलीवर करना और तेजी से सॉफ्टवेयर अपडेट पाना.
Q6. क्या भविष्य में इस तकनीक से अन्य कंपनियां भी कार बना सकती हैं?
Ans. हां, SCSK का मुख्य उद्देश्य यही ट्रेंड स्थापित करना है.
Q7. EV चार्जिंग कितनी बार करनी होगी?
Ans. आम तौर पर नई EVs 300+ km चल सकतीं; चार्जिंग बार-बार आवश्यक नहीं.
Q8. बैटरी कितने साल चलती है?
Ans. मास-प्रोडक्शन EVs में 7-8 साल या उससे अधिक, लेकिन कॉन्सेप्ट में असल डेटा बाद में ही.
Q9. क्या यह कार ऑटोनोमस है?
Ans. इसमें AI और ऑटोमेशन फीचर्स हैं, लेकिन पूरी तरह सेल्फ-ड्राइविंग नहीं.
Q10. IT company built electric car in 9 months का क्या फ्यूचर है?
Ans. इस मॉडल से EV इंडस्ट्री में इनोवेशन और तेजी आएगी.
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