
भारत में Digital Personal Data Protection (DPDP) Act लागू: अब आपका डेटा आपके कंट्रोल में
भाई, भारत सरकार ने आखिरकार Digital Personal Data Protection Act, 2023 (DPDP Act) के नियम आधिकारिक तौर पर लागू कर दिए हैं।
यह भारत का पहला समर्पित डिजिटल प्राइवेसी कानून है, जो कंपनियों, ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सीधे तौर पर जवाबदेह बनाता है।
अब कोई भी कंपनी यूजर का डेटा मनमाने तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाएगी।
DPDP Act के प्रमुख नियम और प्रावधान
1. स्पष्ट और जानकारीपूर्ण कंसेंट जरूरी
अब कंपनियों को डेटा लेने से पहले साफ-साफ बताना होगा:
- कौन सा डेटा लिया जा रहा है
- क्यों लिया जा रहा है
- कितने समय तक रखा जाएगा
यूजर जब चाहे अपनी सहमति वापस ले सकता है।

चरणबद्ध (Phased) लागू होना
- कुछ नियम तुरंत लागू हो गए हैं
- बाकी नियमों के लिए कंपनियों को 12–18 महीने का समय दिया गया है
इससे कंपनियां अपने सिस्टम अपडेट कर सकें और पूरी तरह कानून का पालन कर सकें।
पर प्रभाव
यह कानून भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने, यूजर-केंद्रित नियंत्रण स्थापित करने और कंपनियों को डेटा सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार बनाने में मदद करेगा। यह विशेष रूप से सामाजिक मीडिया, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के कार्य को प्रभावित करेगा।

FAQ Section
Q1. DPDP एक्ट का उद्देश्य क्या है?
A1. यह एक्ट डिजिटल पर्सनल डेटा की सुरक्षा और उपयोगकर्ताओं के डेटा अधिकारों की रक्षा करता है।
Q2. कौन-कौन सी कंपनियां DPDP नियमों के अंतर्गत आती हैं?
A2. बड़ी सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और गेमिंग कंपनियां, खासकर जिनके यूजर बेस करोड़ में हैं, इस अधिनियम के तहत आती हैं।
Q3. यूजर अपने डेटा पर कौन-कौन से अधिकार रखता है?
A3. यूजर को डेटा एक्सेस, सुधार, हटा और ट्रैक करने का अधिकार दिया गया है।
Q4. DPDP एक्ट का उल्लंघन करने पर क्या दंड हैं?
A4. उल्लंघन पर भारी जुर्माने, जैसे बच्चों के डेटा संरक्षण न करने पर 200 करोड़ रुपये तक, और अन्य सुरक्षा उल्लंघन पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
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