
WOS-C 2026 महिला वैज्ञानिक योजना – C
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और करियर में आए ‘ब्रेक’ (Career Break) को एक अवसर में बदलने के लिए Women Scientist Scheme-C (WOS-C) एक क्रांतिकारी पहल है। वर्ष 2026 में, भारत जिस तरह से एक ग्लोबल ‘इनोवेशन हब’ बन रहा है, उसमें पेटेंट और बौद्धिक संपदा (IPR) विशेषज्ञों की मांग चरम पर है। यह योजना महिलाओं को वैज्ञानिक अनुसंधान से आगे बढ़कर “पेटेंट प्रोफेशनल” के रूप में एक नया और सम्मानजनक करियर प्रदान करती है।
1. 2026 में योजना का मुख्य उद्देश्य (Objectives)
- IPR में विशेषज्ञता: महिलाओं को पेटेंट सर्च, ड्राफ्टिंग, फाइलिंग और ट्रेडमार्क प्रबंधन में अंतरराष्ट्रीय स्तर का विशेषज्ञ बनाना।
- करियर रि-एंट्री: उन वैज्ञानिक महिलाओं को मुख्यधारा में वापस लाना जिन्होंने पारिवारिक कारणों से अपना शोध कार्य छोड़ दिया था।
- आत्मनिर्भरता: महिलाओं को स्वतंत्र रूप से ‘पेटेंट एजेंट’ के रूप में काम करने या कानूनी फर्मों और आरएंडडी (R&D) केंद्रों में उच्च पदों पर आसीन होने के योग्य बनाना।
- नवाचार का संरक्षण: भारत में हो रहे नए आविष्कारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित वर्कफोर्स तैयार करना।
2. योजना की मुख्य विशेषताएँ (Key Features 2026)
- प्रशिक्षण का ढांचा (Training Structure): चयनित उम्मीदवारों को एक वर्ष का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें पेटेंट कार्यालयों, अटॉर्नी फर्मों और सरकारी अनुसंधान संस्थानों में ‘ऑन-जॉब ट्रेनिंग’ शामिल है।
- संशोधित फेलोशिप (Monthly Stipend): 2026 के नए मानकों के अनुसार, प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उनकी योग्यता के आधार पर आकर्षक मासिक फेलोशिप दी जाती है।
- टेक्नोलॉजी और AI का समावेश: अब इस प्रशिक्षण में AI-driven Patent Analysis और Blockchain in IPR जैसे आधुनिक विषयों को भी जोड़ा गया है।
- TIFAC की भूमिका: इस योजना का क्रियान्वयन TIFAC (Technology Information, Forecasting and Assessment Council) द्वारा किया जाता है, जो प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।
3. पात्रता मानदंड 2026 (Eligibility Criteria Update)
- शैक्षणिक योग्यता: आवेदक के पास विज्ञान के किसी भी क्षेत्र (Life Sciences, Engineering, Medicine, Pharmacy, Physical Sciences) में न्यूनतम स्नातकोत्तर (M.Sc./M.Tech) या Ph.D. की डिग्री होनी चाहिए।
- आयु सीमा: 2026 के नियमों के अनुसार, आयु 27 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। (अनुसूचित जाति/जनजाति और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 5 वर्ष की विशेष छूट)।
- रोजगार की स्थिति: आवेदक किसी भी नियमित रोजगार में नहीं होनी चाहिए। यह योजना उन महिलाओं के लिए है जो करियर में ब्रेक के बाद वापसी करना चाहती हैं या स्वरोजगार की इच्छुक हैं।
- तकनीकी कौशल: उम्मीदवार को कंप्यूटर के बुनियादी उपयोग और डेटा एनालिसिस में रुचि होनी चाहिए।
4. वित्तीय सहायता और लाभ (Financial Support 2026)
वर्ष 2026 में फेलोशिप की राशि को श्रेणीवार इस प्रकार रखा गया है (अनुमानित):
- Ph.D. / M.D. / M.S. धारकों के लिए: ₹35,000 – ₹40,000 प्रति माह।
- M.Tech / M.Pharma / M.V.Sc. के लिए: ₹30,000 – ₹35,000 प्रति माह।
- M.Sc. / B.Tech / MBBS के लिए: ₹25,000 – ₹30,000 प्रति माह।
5. आवेदन प्रक्रिया (How to Apply 2026)
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है:
- पंजीकरण: dst.gov.in या tifac.org.in पर जाकर विज्ञापन की जाँच करें।
- ऑनलाइन फॉर्म: ‘KIRAN’ पोर्टल पर अपना प्रोफाइल बनाएं और शैक्षणिक विवरण भरें।
- दस्तावेज़ अपलोड: मास्टर/Ph.D. डिग्री, जन्म प्रमाण पत्र और यदि करियर में गैप रहा है तो उसका संक्षिप्त विवरण अपलोड करें।
- सबमिशन: फॉर्म जमा करने के बाद उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रखें।
6. चयन प्रक्रिया (Selection Process 2026)
चयन प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा गया है:
7. भविष्य की संभावनाएँ और करियर स्कोप (Future Scope)
इस प्रशिक्षण को पूरा करने के बाद महिलाओं के लिए करियर के अनेक द्वार खुल जाते हैं:
- पेटेंट एजेंट (Patent Agent): प्रशिक्षण के बाद उम्मीदवार ‘पेटेंट एजेंट’ की परीक्षा देने के योग्य हो जाती हैं और स्वतंत्र प्रैक्टिस कर सकती हैं।
- कॉर्पोरेट सेक्टर: बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के IPR सेल में ‘IP Analyst’ के रूप में नियुक्ति।
- कानूनी फर्में: पेटेंट अटॉर्नी फर्मों में विशेषज्ञ के रूप में काम।
- सरकारी पद: भारतीय पेटेंट कार्यालय (IPO) में परीक्षक (Examiner) के रूप में अवसर।
8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ 2026)
प्रश्न 1: क्या मैं प्रशिक्षण के दौरान कहीं और नौकरी कर सकती हूँ? उत्तर: नहीं, यह एक पूर्णकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है और इसके दौरान उम्मीदवार को किसी भी अन्य लाभ या वेतन प्राप्त करने की अनुमति नहीं है।
प्रश्न 2: क्या प्रशिक्षण के बाद नौकरी की गारंटी है? उत्तर: DST नौकरी की गारंटी नहीं देता, लेकिन TIFAC का प्लेसमेंट रिकॉर्ड उत्कृष्ट है। लगभग 80% प्रशिक्षित महिलाएं प्रतिष्ठित संस्थानों में सफलतापूर्वक कार्यरत हो जाती हैं।
प्रश्न 3: क्या कला या वाणिज्य (Arts/Commerce) की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं? उत्तर: नहीं, यह योजना केवल विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और चिकित्सा पृष्ठभूमि की महिलाओं के लिए आरक्षित है।
9. निष्कर्ष (Conclusion)
Women Scientist Scheme (WOS-C) 2026 उन मेधावी महिलाओं के लिए एक ‘ब्रिज’ का काम कर रही है, जो अपने ज्ञान को कानून और तकनीक के संगम पर ले जाना चाहती हैं। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाती है, बल्कि भारत के बौद्धिक संपदा के खजाने को भी समृद्ध करती है। यदि आप विज्ञान की छात्रा रही हैं और अपने करियर को एक नई, आधुनिक दिशा देना चाहती हैं, तो WOS-C 2026 आपके सपनों की उड़ान के लिए सबसे सटीक मंच है।
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