Visthapit Pariwaron ki Kendriya Sahayata योजना 2026 राहत और पुनर्वास

By | January 14, 2026
Visthapit Pariwaron ki Kendriya Sahayata

विस्थापित परिवारों की केंद्रीय सहायता योजना 2026

विस्थापित परिवारों की केंद्रीय सहायता योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य उन परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्वास प्रदान करना है, जिन्हें 1947 में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर से तथा 1965 और 1971 के छंब संघर्ष के दौरान अपने घर और भूमि छोड़नी पड़ी थी। इस योजना के अंतर्गत सरकार इन परिवारों को एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है ताकि वे अपना जीवन फिर से स्थिर और आत्मनिर्भर बना सकें।

सहायता राशि और वितरण प्रणाली

इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को कुल 5,50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें से लगभग पूरी राशि केंद्र सरकार द्वारा और शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है। यह पूरी सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाती है।

लाभार्थी परिवार और बजट

इस योजना के अंतर्गत लगभग 36,384 विस्थापित परिवारों को शामिल किया गया है। सरकार ने इस योजना के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। यह राशि केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि पुनर्वास और आत्मनिर्भरता से जुड़ी अन्य योजनाओं को भी सहयोग प्रदान करती है।

दीर्घकालिक सहायता और पुनर्वास

यह योजना केवल एक बार की आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विस्थापित परिवार भविष्य में स्थायी आय के स्रोत विकसित कर सकें। इसके लिए कृषि, पशुपालन, छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार और निवेश से जुड़ी योजनाओं में भी सहयोग प्रदान किया जाता है, ताकि परिवार लंबे समय तक आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकें।

पात्रता मानदंड

इस योजना का लाभ वही परिवार ले सकते हैं जो 1947 में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर से विस्थापित हुए हों या 1965 और 1971 के छंब संघर्ष से प्रभावित रहे हों। लाभार्थी परिवार का नाम सरकार द्वारा जारी आधिकारिक सूची में होना आवश्यक है। साथ ही, उन्हें अपनी पहचान और विस्थापन से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। लाभार्थी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से या जिला प्रशासन के कार्यालय में जाकर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होता है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है।

आवश्यक दस्तावेज

आवेदन के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक बैंक खाता, विस्थापन प्रमाण पत्र और पहचान से जुड़े अन्य वैध दस्तावेज आवश्यक होते हैं। सभी दस्तावेजों का सरकारी स्तर पर सत्यापन किया जाता है।

योजना के प्रमुख लाभ

यह योजना विस्थापित परिवारों को एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान करती है। सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। यह योजना परिवारों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर देती है और उन्हें स्थायी जीवन निर्माण में सहयोग प्रदान करती है। आवेदन प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक रखी गई है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

2025-26 का नवीनतम अपडेट

सरकार ने इस योजना को 31 मार्च 2026 तक आगे बढ़ा दिया है ताकि अधिक विस्थापित परिवार इसका लाभ ले सकें। साथ ही, दस्तावेज सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया को और तेज और सुरक्षित बनाया गया है।

निष्कर्ष

विस्थापित परिवारों की केंद्रीय सहायता योजना उन लोगों के लिए एक नई शुरुआत का अवसर है, जिन्होंने अपने जीवन में सबसे कठिन दौर देखा है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता देती है, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर करती है। (mha.gov.in)

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