PM Matru Vandana Yojana, गर्भवती महिलाओं को ₹6,000 की आर्थिक मदद

By | January 14, 2026
PM Matru Vandana Yojana

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PM Matru Vandana Yojana)

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना भारत सरकार की एक प्रमुख मातृत्व सहायता योजना है, जिसे गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार करना, कुपोषण को कम करना तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है। यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

इस योजना के अंतर्गत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कुल 5,000 से 6,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता किश्तों में प्रदान की जाती है। यह सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ पहली बार माँ बनने वाली महिलाओं को प्राथमिक रूप से दिया जाता है, जबकि दूसरी संतान बालिका होने की स्थिति में भी विशेष प्रावधान किया गया है।

किस्तों में भुगतान व्यवस्था

पहली किस्त गर्भावस्था के प्रारंभिक पंजीकरण और पहली जांच के बाद दी जाती है।
दूसरी किस्त प्रसव पूर्व जांच पूरी होने पर मिलती है।
तीसरी किस्त बच्चे के जन्म के पंजीकरण और आवश्यक टीकाकरण पूरा होने के बाद प्रदान की जाती है।

पहले बच्चे के लिए लाभ राशि

पहली किस्त के रूप में 3,000 रुपये तब दिए जाते हैं जब गर्भावस्था का पंजीकरण हो जाए और कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच पूरी हो जाए।
दूसरी किस्त के रूप में 2,000 रुपये तब मिलते हैं जब बच्चे का जन्म पंजीकृत हो जाए और 14 सप्ताह तक के सभी आवश्यक टीके लग जाएं।

इस प्रकार पहले बच्चे के लिए कुल 5,000 रुपये की सहायता मिलती है।

दूसरे बच्चे के लिए लाभ (यदि बालिका हो)

यदि दूसरी संतान लड़की होती है, तो एकमुश्त 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है। इसके लिए गर्भावस्था का पंजीकरण, प्रसवपूर्व जांच, जन्म पंजीकरण और टीकाकरण अनिवार्य होता है।

विशेष परिस्थितियाँ

यदि गर्भपात या मृत शिशु का जन्म होता है, तो महिला को अगली गर्भावस्था में फिर से नए लाभार्थी के रूप में माना जाता है और वह योजना का लाभ प्राप्त कर सकती है।

पात्रता मानदंड

आवेदिका की आयु कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए।
वह गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिला होनी चाहिए।
महिला को गर्भावस्था के कारण वेतन या कार्य हानि हो रही हो।
बच्चे के जन्म के 270 दिनों के भीतर योजना के लिए आवेदन करना अनिवार्य है।
जुड़वां या एक से अधिक बच्चों के जन्म की स्थिति में यदि कोई बालिका है, तो नियमानुसार लाभ दिया जाता है।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदिका को अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर पंजीकरण कराना होता है। पंजीकरण के समय आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, गर्भावस्था पंजीकरण प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और पता प्रमाण पत्र जमा करना आवश्यक होता है। सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सहायता राशि किश्तों में सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है।

योजना के लाभ

यह योजना मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायक है। गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। परिवार पर आर्थिक बोझ कम होता है। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान सम्मान और सुरक्षा की भावना मिलती है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए एक अत्यंत उपयोगी सरकारी पहल है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य की नींव भी रखती है। PMMVY महिलाओं को सशक्त बनाने और देश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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