
MGNREGA 2026
MGभारत के ग्रामीण विकास और अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली MGNREGA (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) योजना 2026 में एक नए स्वरूप में दिखाई दे रही है। केंद्र सरकार ने इस साल ग्रामीण कामगारों के लिए न केवल मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की है, बल्कि आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी बनाया है।
यदि आप ग्रामीण क्षेत्र के निवासी हैं और रोजगार की तलाश में हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 2026 में MGNREGA के तहत क्या बदलाव हुए हैं और आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं।
1. MGNREGA 2026 के मुख्य अपडेट्स
साल 2026 में MGNREGA को लेकर कई महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं:
- बढ़ी हुई मजदूरी दरें: 1 अप्रैल 2025 से लागू नई दरों के बाद, कई राज्यों में मजदूरी ₹370 से लेकर ₹400 प्रति दिन तक पहुँच गई है। हरियाणा जैसे राज्यों में यह दर सबसे अधिक है।
- VB-GRAM (G) विधेयक का प्रभाव: 2025 के अंत में पेश किए गए नए विधेयक के बाद, कई क्षेत्रों में 100 दिनों के गारंटीड रोजगार को बढ़ाकर 125 दिन करने की कवायद शुरू हो गई है।
- डिजिटल अटेंडेंस: अब सभी कार्यस्थलों पर NMMS (National Mobile Monitoring System) के जरिए रीयल-टाइम डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है, जिससे फर्जी हाजिरी पर रोक लगी है।
2. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria 2026)
MGNREGA योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
- भारतीय नागरिकता: आवेदक भारत का स्थायी नागरिक होना चाहिए।
- ग्रामीण निवास: आवेदक को किसी गांव या ग्राम पंचायत क्षेत्र का निवासी होना चाहिए। (यह योजना शहरी क्षेत्रों के लिए नहीं है)।
- न्यूनतम आयु: आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- अकुशल श्रम (Unskilled Labour): आवेदक शारीरिक रूप से अकुशल श्रम (Manual Work) करने के लिए तैयार और इच्छुक होना चाहिए।
3. योजना के प्रमुख लाभ (Key Benefits)
- रोजगार की गारंटी: प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों (विशेष मामलों में 125 दिन) के अकुशल कार्य की कानूनी गारंटी मिलती है।
- बेरोजगारी भत्ता: यदि आप काम के लिए आवेदन करते हैं और सरकार 15 दिनों के भीतर आपको काम देने में विफल रहती है, तो आप बेरोजगारी भत्ते के हकदार होते हैं।
- महिला सशक्तिकरण: इस योजना में कुल कार्यों का कम से कम एक-तिहाई (33%) हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित है। पुरुषों और महिलाओं को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाता है।
- कार्यस्थल पर सुविधाएं: काम की जगह पर पीने का पानी, प्राथमिक चिकित्सा (First-Aid) और बच्चों की देखभाल के लिए क्रैच (Crèche) जैसी सुविधाएं अनिवार्य हैं।
- स्थानीय रोजगार: प्रयास किया जाता है कि काम कामगार के घर से 5 किलोमीटर के दायरे में मिले। यदि काम 5 किमी से दूर है, तो 10% अतिरिक्त यात्रा भत्ता दिया जाता है।
4. राज्यवार नई मजदूरी दरें (State-wise Wage Rates 2026)
सरकार मुद्रास्फीति (Inflation) के आधार पर हर साल दरों को संशोधित करती है। 2026 के लिए अनुमानित और कुछ राज्यों की आधिकारिक दरें इस प्रकार हैं:
| राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | नई मजदूरी दर (प्रति दिन) |
| हरियाणा | ₹400 |
| सिक्किम (विशिष्ट क्षेत्र) | ₹389 |
| गोवा | ₹378 |
| कर्नाटक | ₹370 |
| तमिलनाडु | ₹336 |
| महाराष्ट्र | ₹312 |
| उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड | ₹252 |
| बिहार / झारखंड | ₹255 |
5. आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
जॉब कार्ड बनवाने या काम मांगने के लिए आपके पास ये दस्तावेज होने चाहिए:
- आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य)।
- राशन कार्ड या निवास प्रमाण पत्र।
- वोटर आईडी कार्ड।
- बैंक या पोस्ट ऑफिस की पासबुक की फोटोकॉपी।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
6. जॉब कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें? (Online & Offline Process)
ऑफलाइन प्रक्रिया (सबसे प्रभावी):
- अपनी ग्राम पंचायत या ग्राम रोजगार सहायक (GRS) के पास जाएं।
- एक सादे कागज पर या निर्धारित फॉर्म पर पंजीकरण के लिए आवेदन करें।
- पंचायत आपके विवरणों का सत्यापन करेगी और 15 दिनों के भीतर आपको जॉब कार्ड जारी कर दिया जाएगा।
ऑनलाइन प्रक्रिया (UMANG App के जरिए):
- अपने मोबाइल में UMANG App डाउनलोड करें।
- सर्च बार में ‘MGNREGA’ टाइप करें।
- ‘Apply for Job Card’ विकल्प चुनें और मांगी गई जानकारी भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें। आप यहीं से अपना ‘Job Card Status’ भी ट्रैक कर सकते हैं।
7. 2026 में भुगतान का नया नियम (ABPS)
अब MGNREGA का भुगतान केवल ABPS (Aadhaar Based Payment System) के माध्यम से होता है। इसका मतलब है कि:
- आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए।
- खाते में NPCI Mapping (डीबीटी) सक्रिय होनी चाहिए।
- मजदूरी का पैसा सीधे कामगार के खाते में बिना किसी बिचौलिये के जमा किया जाता है।
8. कार्यों की सूची (Permissible Works)
MGNREGA के तहत केवल उत्पादक संपत्तियों का निर्माण किया जाता है:
- जल संरक्षण और जल संचयन (तालाबों की खुदाई)।
- वृक्षारोपण और वनीकरण।
- सिंचाई नहरें और भूमि विकास।
- ग्रामीण संपर्क (कच्ची और पक्की सड़कें)।
- पशु शेड (Cattle Sheds) और बकरी आश्रय का निर्माण।
9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: क्या जॉब कार्ड के लिए कोई शुल्क देना पड़ता है?
जी नहीं, जॉब कार्ड पूरी तरह से मुफ्त है। यदि कोई पैसे मांगता है, तो आप लोकपाल (Ombudsman) से शिकायत कर सकते हैं।
Q2: काम के लिए आवेदन कैसे करें?
जॉब कार्ड मिलने के बाद, आपको ग्राम पंचायत में ‘काम की मांग’ (Demand for Work) का लिखित आवेदन देना होगा।
Q3: 100 दिन का काम पूरा होने पर क्या होगा?
वर्तमान में 100 दिन की सीमा है, लेकिन सूखे या प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में इसे सरकार द्वारा 150 दिन तक बढ़ाया जा सकता है।
निष्कर्ष
MGNREGA 2026 ग्रामीण भारत के लिए केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। बढ़ी हुई मजदूरी और डिजिटल पारदर्शिता ने इसे मजदूरों के लिए और भी फायदेमंद बना दिया है। यदि आपने अभी तक अपना जॉब कार्ड नहीं बनवाया है, तो तुरंत अपनी ग्राम पंचायत से संपर्क करें।
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