
CPoK और छंब से विस्थापित परिवारों के लिए एकमुश्त केंद्रीय सहायता योजना
(Prime Minister’s Development Package के अंतर्गत)
भारत सरकार ने हमेशा उन नागरिकों के पुनर्वास और कल्याण को प्राथमिकता दी है, जिन्हें युद्ध, विभाजन और सीमा विवादों के कारण अपने घर-बार छोड़ने पड़े। इसी दिशा में Government of India द्वारा Prime Minister’s Development Package (PMDP) के अंतर्गत Pakistan Occupied Kashmir (PoK) और Chhamb से विस्थापित परिवारों के लिए One-Time Settlement Central Assistance Scheme लागू की गई। यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि दशकों से पीड़ा झेल रहे परिवारों को सम्मान, स्थिरता और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने का एक ठोस प्रयास है।
योजना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1947 के भारत विभाजन के समय PoK क्षेत्रों से हजारों परिवारों को अपना घर, जमीन और आजीविका छोड़कर भारत आना पड़ा। इसके बाद 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों के दौरान छंब क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए। इन परिवारों को अस्थायी शिविरों, सीमित संसाधनों और अनिश्चित भविष्य के साथ जीवन बिताना पड़ा।
सरकार ने समय-समय पर राहत पैकेज और पुनर्वास योजनाएँ शुरू कीं, लेकिन एक स्थायी समाधान की आवश्यकता बनी रही। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 2016 में Prime Minister’s Development Package के अंतर्गत इस विशेष एकमुश्त निपटान (One-Time Settlement) योजना को मंजूरी दी गई।
योजना का उद्देश्य
इस केंद्रीय सहायता योजना का मुख्य उद्देश्य विस्थापित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से पुनः स्थापित करना है। इसके अंतर्गत सरकार चाहती है कि:
विस्थापित परिवारों को स्थायी बसावट के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता मिले।
दशकों से चले आ रहे विस्थापन और असुरक्षा की स्थिति का अंत हो।
परिवार सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, रोजगार और विकास के बेहतर अवसर मिलें।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ
यह योजना PoK और छंब क्षेत्रों से विस्थापित कुल 36,384 परिवारों को कवर करती है। प्रत्येक पात्र परिवार को ₹5.50 लाख की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
इस राशि का वितरण Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक बैंक खाते में किया जाता है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।
यह सहायता पैकेज केवल नकद सहायता नहीं, बल्कि PMDP के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़ी अन्य कल्याणकारी पहलों से भी जुड़ा हुआ है।
वित्तीय संरचना
इस योजना के अंतर्गत प्रति परिवार कुल ₹5,50,000 की सहायता दी जाती है।
इसमें से केंद्र सरकार ₹5,49,692 और राज्य सरकार ₹308 प्रदान करती है।
सरकार द्वारा कुल लगभग ₹2,000 करोड़ का बजट इस योजना के लिए स्वीकृत किया गया है, जिससे सभी पात्र परिवारों का पूर्ण और अंतिम निपटान किया जा सके।
योजना के लाभ
यह एकमुश्त सहायता विस्थापित परिवारों को कई तरह से सशक्त बनाती है।
परिवार इस राशि का उपयोग आवास निर्माण या मरम्मत, बच्चों की शिक्षा, छोटा व्यवसाय शुरू करने, कृषि, पशुपालन या अन्य आय-उत्पादक गतिविधियों में कर सकते हैं।
जो परिवार नियमित आय चाहते हैं, वे इस राशि को वार्षिकी (Annuity) योजना में निवेश कर स्थायी मासिक आय भी सुनिश्चित कर सकते हैं।
इससे परिवारों की आर्थिक निर्भरता कम होती है और आत्मनिर्भरता बढ़ती है।
सामाजिक और मानसिक प्रभाव
इस योजना का प्रभाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्तर पर भी गहरा है।
विस्थापित परिवारों को यह विश्वास मिलता है कि राष्ट्र ने उनके त्याग और संघर्ष को स्वीकार किया है।
मुख्यधारा समाज में उनका समावेशन होता है और वे स्वयं को हाशिए पर महसूस नहीं करते।
पुरानी पीढ़ी को राहत मिलती है और नई पीढ़ी को बेहतर भविष्य की दिशा मिलती है।
पात्रता मानदंड
इस योजना का लाभ वही परिवार ले सकते हैं, जो:
1947 में PoK से विस्थापित हुए हों, या
1965 अथवा 1971 में छंब क्षेत्र से विस्थापित हुए हों (कैम्प या नॉन-कैम्प)।
परिवार का मुखिया, दावेदार या उसका वैध उत्तराधिकारी पात्र माना जाता है।
परिवार का नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होना आवश्यक है।
आवश्यक दस्तावेज़
आधार कार्ड।
PoK या छंब क्षेत्र में निवास करने का प्रमाण।
आधार-लिंक बैंक खाते का विवरण।
विस्थापन से संबंधित सरकारी प्रमाण या रिकॉर्ड।
योजना का दीर्घकालिक महत्व
यह योजना केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्थिरता और सुरक्षा का आधार बनती है। इससे:
विस्थापित परिवार स्थायी रूप से बस पाते हैं।
बच्चों को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलते हैं।
क्षेत्रीय असमानता और सामाजिक असंतोष कम होता है।
राष्ट्रीय एकता और समावेशिता को मजबूती मिलती है।
निष्कर्ष
PoK और छंब से विस्थापित परिवारों के लिए One-Time Settlement Central Assistance Scheme भारत सरकार की एक मानवीय, संवेदनशील और दूरदर्शी पहल है। यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि दशकों तक विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों को अंततः सम्मान, सुरक्षा और स्थायी समाधान मिले। Prime Minister’s Development Package के अंतर्गत दी गई यह सहायता न केवल आर्थिक पुनर्वास का माध्यम है, बल्कि यह राष्ट्र की ओर से यह संदेश भी है कि भारत अपने नागरिकों के बलिदान को कभी नहीं भूलता।
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